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'कोविड काल में एक देश ने जमा कर रखी थीं उसकी जनसंख्या से 8 गुना ज्यादा वैक्सीन', विदेश मंत्री जयशंकर ने कसा तंज

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : May 08, 2026 09:46 am IST,  Updated : May 08, 2026 09:49 am IST

Covid Vaccine Hoarding: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि कैसे भारत ने आगे बढ़कर कोविड काल में जरूरतमंद देशों की मदद की थी जबकि एक विकसित देश ऐसा भी था, जिसने अपनी जनसंख्या से 8 गुना ज्यादा वैक्सीन स्टोर कर रखी हुई थीं।

S Jaishankar Statement- India TV Hindi
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत को बताया सूरीनाम का अच्छा साझेदार। Image Source : S JAISHANKAR/X

S Jaishankar Statement: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने COVID-19 महामारी के दौर को याद करते हुए बिना नाम लिए एक विकसित देश पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में एक देश ने अपनी जनसंख्या से 8 गुना ज्यादा वैक्सीन जमा कर ली थीं, जबकि हमारे देश ने दुनिया के कई देशों तक वैक्सीन पहुंचाकर जिम्मेदारी निभाई थी।

वैक्सीन जमा कर रखने वाला था विकसित देश

बता दें कि सूरीनाम में अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, 'कोविड काल में कुछ देशों ने वैक्सीन का भंडारण किया हुआ था। मुझे एक देश खासतौर पर याद है। कूटनीतिक जगत से होने की वजह से मैं उसका नाम नहीं लूंगा, लेकिन उस देश के पास वास्तव में उसकी जनसंख्या से 8 गुना ज्यादा वैक्सीन थीं। साफ तौर पर, वह कोई विकासशील देश नहीं था। आप इसका अंदाजा खुद लगा सकते हैं।'

विदेश मंत्री ने याद दिलाई अच्छे साझेदार की खूबी

डॉ. एस. जयशंकर ने आगे कहा कि उस वक्त, भारत एक ऐसा देश था जिसने इस चुनौती का सामना आगे बढ़कर किया। भारत ने बड़ी संख्या में देशों और International Initiatives को वैक्सीन उपलब्ध कराए थे। इसलिए मैं कहता हूं कि एक अच्छे साझेदार की खूबियों में से एक बात यह है कि वह देश अपने राष्ट्रीय हितों को वैश्विक हित के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सामंजस्य स्थापित करने में सक्षम हो, तो यह बात बिल्कुल सही है।

गहरे हैं भारत और सूरीनाम के संबंध

गौरतलब है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, दक्षिण अमेरिका के देश सुरीनाम की यात्रा पर हैं। इस दौरान, उन्होंने ये भी कहा कि भारत, सूरीनाम को एक सहयोगी की तरह नहीं, बल्कि परिवार की तरह देखता है। भविष्य की तरफ देखते हुए, यह अटूट बंधन हमें बहुआयामी सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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